अघोषित अपराधी - बेटी का पिता!
वह दुनियाँ का सबसे
निरीह प्राणी है -
अपने जिगर के टुकड़े को साथ लिए लिए
उसके बचपन से जवानी तक
घूमता रहा.
कभी पढ़ाई, कभी कोचिंग,
औ' फिर कभी एडमिशन, कम्पटीशन, जॉब सर्चिंग
हाथ पकड़े घूमता रहा,
जब तक
उसके पैरों तले ठोस जमीं न मिली.
उस मुकाम पर पहुंचा कर
फिर...
[पूरी पोस्ट]
रेखा श्रीवास्तव
6
0
0
0
0
[03 Mar 2010 01:16 AM]



Shuffle








