ज्ञ से ज्ञानी........

ननिहाल ज्ञ कहता है प्यारे बच्चों,अब आई है मेरी बारी,शांत होकर बैठो सभी,सुनो मेरी कहानी प्यारी।ज् व ञ के मिलने से,मैं अस्तित्व में आया,वर्णमाला का अंतिम वर्ण,और संयुक्ताक्षर कहलाया।कुछ लोग मेरा उच्चारण,'ग्य' करते जैसे विग्यान,तो कुछ लोग मेरा उच्चारण,'ज्न' करते... [पूरी पोस्ट]
writer प्रभाकर पाण्डेय
views
5
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[04 Mar 2010 06:27 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix