मेरी प्रेम कवितायें

कही  अनकही दोस्तों की मांग पर पेश है मैसूर में कृत्या अंतरराष्टीय काव्योत्सव-2010 में पढी प्रेम कविताएं -- 1 तुम्हारे मिलने से मिली सूरज की किरण मेरी आँखों में हो गयी शामिल और मेरी रोशनी असीम हो गयी सच तुम मिली और मैं उजालों से भर गया इस अंधेरी रात में मरुस्थल में... [पूरी पोस्ट]
writer DUSHYANT
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[12 Feb 2010 08:21 AM]

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