छलक छलक जाएँ बदरा से रंग
कई दिनों से धूल भरी आंधियां चल रही थीं.एक दम से गरमी बढ़ गयी थी लेकिन कल रात हुई बरखा रानी ने मौसम ही बदल दिया.सुबह भी बादल जैसे थे.भारत में होली का मौसम है ,माहोल है.मुझ से कल ही एक टिप्पणी में यह पूछा गया थाकि हम यहाँ कैसे होली मनाते हैं?तो.... यहाँ...
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अल्पना वर्मा
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[28 Feb 2010 09:56 AM]



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