लाल्टू की चार कविताएँ उनके नये संग्रह से

Ek ziddi dhun मिडिल स्कूलऊँची छतनीचे झुके सत्तर सिरतीस बाई तीस के कमरे मेंशहतीरें अँग्रेज़ी ज़माने कीकुछ सालों में टूट गिरेंगींसालों लिखे खतसरकारी अनुदानों की फाइलें बनेंगींजन्म लेते ही ये बच्चेउन खातों में दर्ज हो गएजिनमें इन जर्जर दीवारों जैसेदरारों भरे सपने हैंकोने... [पूरी पोस्ट]
writer Ek ziddi dhun

लाल्टू

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[18 Feb 2010 14:30 PM]

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