अमीर हो गए हैं लोग, मंहगाई का असर नहीं
अपन को भी पार्लियामेंट कवर करते दो दशक होने को। ऐसा ढुलमुल अभिभाषण किसी सरकार का नहीं सुना। अभिभाषण पढ़ते भले ही राष्ट्रपति हों। तैयार करती है सरकार। मंजूरी देती है केबिनेट। सो मनमोहन सरकार का अभिभाषण बेअसर सा रहा। ढुलमुल सा रहा। जैसे बचाव की मुद्रा में...
[पूरी पोस्ट]
Ajay Setia
india gate se sanjay uvach
3
0
0
0
0
[23 Feb 2010 02:59 AM]



Shuffle








