कहां से शुरु करूं ओर कहा खत्म करूं बताना... आप सब का प्यार इतना मिला कि शव्दो मै बताना भी कम पड रहा है, ओर मेरी झोली भी छोटी पड गई.

पराया देश नमस्कार . सलाम आप सब को,मै ८/२ यानि सोमवार को शाम को अपने घर वापिस पहुच गया, फ़िर घर पर सब से पहले पिटारा खोला, कोन कोन सा समान लाया हुं, बेर, अमरुद, पान ओर फ़िर चटपटी चीजे,लेकिन मिठाई के डिब्बे लंडन मै मेरे हेंड बेग से निकाल् कर फ़ेंक दिये गये, क्यो कि दुध... [पूरी पोस्ट]
writer राज भाटिय़ा

मेरा देश मेरे लोग

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[11 Feb 2010 10:30 AM]

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