डॉ. धर्मवीर की 'प्रेमचंद- सामंत का मुंशी'
डॉ. धर्मवीर की पुस्तक ‘प्रेमचंद: सामंत का मुंशी’ उनकी ‘मातृसत्ता, पितृसत्ता और जारसत्ता’ पर पुस्तक शृंखला की तीसरी पुस्तक है. पुस्तक का नाम देखकर ऐसा लगता है कि इसमें शायद प्रेमचंद के कथा साहित्य की एक नई दृष्टि से व्याख्या होगी. परंतु ऐसा है नहीं. इस...
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वेद प्रकाश
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[16 Feb 2010 13:32 PM]



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