जोगीड़ा सारा रारा ...
लीं साहेब 'सुरु' हो गयल फ़गुआ ...गाईं , बजाईं चाहे खाली सुनीं आ राग ताल पर माथा धूनीं ॥फगुआ त ह..यह होली गीत या फगुआ भोजपुरी इलाके में कई रूपों में ( कुछ शब्दों के हेरफेर के साथ ) मिलता है लेकिन इसमें उल्लास और मस्ती सब जगह एक जैसी ही पाई जाती है। आज...
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sidheshwer
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[21 Feb 2010 11:29 AM]



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