क्या हमारा है हाल मत पूछो.

डॉ.सुभाष भदौरिया.अहमदाबाद. ग़ज़लक्या हमारा है हाल मत पूछो.हमसे ऐसे सवाल मत पूछो.हमने थोड़ी जो ज़बां खोली तो,फिर मचेगी बवाल मत पूछो.आज इसके तो साथ कल उसके,है सियासत छिनाल मत पूछो.चंद टुकड़ों में,चंद टुकड़ों में,मुल्क बेचें दलाल मत पूछो.कीमतें आसमां को छूती हैं,हमसे उनका कमाल मत... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ.सुभाष भदौरिया.
views
6
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[17 Feb 2010 08:39 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix