अतिथि! तुम कब जाओगेः व्यंग्य शरद जोशी का, विज़न अश्विनी धर का

इसी बहाने कोई भूमिका बांधना नहीं चाहता, सिर्फ़ एक सूचना है। फ़िल्म अतिथि...शरद जोशी के लिखे व्यंग्य पर आधारित है। वो मिला तो लगा कि आपसे साझा कर लेना चाहिए। तो मज़ा लीजिए उनके पैने व्यंग्य और उसके बाद देखिए फ़िल्म...---तुम्हारे आने के चौथे दिन, बार-बार यह प्रश्न... [पूरी पोस्ट]
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फ़िल्म

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[04 Mar 2010 14:16 PM]

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