हे प्रभु!…मुझे वर दे...मुझे वर दे...मुझे वर दे

हँसते रहो   Hanste Raho हे प्रभु... ..  मुझे वर दे..मुझे वर दे...मुझे वर दे विनति तुझसे प्रभु है बस इतनी नहीं पसन्द मुझे दिखावा तू मुझे शील संयत संतुलित व्यवहार दे   नहीं चाहिए ‘जैम’ ‘बर्गर’ औ ‘पिज़्ज़ा’ मुझे तू मुझे पानीपत का ‘पचरंगा’ अचार दे नहीं पसंद सिक्कों की खनकार... [पूरी पोस्ट]
writer राजीव तनेजा

rajivtaneja

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[01 Mar 2010 22:50 PM]

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