अकेले आये हैं ब्लॉगर, अकेले सभी चले जायेंगे : भूलकर भी संगठन नहीं बनायेंगे (अविनाश वाचस्पति)
संगठन में शक्ति हैपर हम चाहते हैंसिर्फ इकट्ठे लड़नान कि इकट्ठे जुटना।विरोध करने के लिए हमइकट्ठे हो जायेंगे बेदेरीपर जल्दी ही दूर जायेंगेफिर करना होगा हंगामादोबारा से जुट जायेंगे।हम चाहते हैंसब अच्छा होपर नहीं चाहतेबांटें आपस मेंअच्छाई को।सच्चाई यही...
[पूरी पोस्ट]
अविनाश वाचस्पति
कविता
3
0
0
0
0
[24 Feb 2010 10:10 AM]



Shuffle








