सोचा नहीं कभी हमने
सोचा नहीं कभी हमने,
क्यूँ दिल तुमबिन परेशां है |
क्यूँ सांसे उखड़ी उखड़ी हैं,
आँखें क्यूँ हैरान हैं ||
सोचा नहीं कभी हमने,
क्या रिश्ता ये अनजाना सा |
क्या डोर बांधें है हमको,
क्यूँ लगता सब अफसाना सा ||
सोचा नहीं कभी हमने,
क्या...
[पूरी पोस्ट]
Gaurav Sangtani
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[23 Feb 2010 10:56 AM]



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