व्यंग्य - बरसाने की तर्ज पे तृतीय ब्लागर लठ्ठमार प्रतियोगिता का आयोजन
ब्लॉग में और कम्प्यूटर पर उंगलियाँ पटक पटक कर अपने अपने ढोल अपनी ढपली नगाड़े बजा बजाकर अपनी अहमियत साबित करने की कोशिश होती रहती है पर ये सब ब्लॉग और कम्प्यूटर तक सीमित रहता है पर आपस में किसी का किसी से आमना सामना नहीं होता इसीलिए तू तू और मै मै करने के...
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महेन्द्र मिश्र
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[24 Feb 2010 10:29 AM]



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