मुक्तक 33

Tamatar वह अपनी आँखों में उमड़ी घटाएँ भेजती हैवह अपने प्यार की ठंडी हवाएँ भेजती हैकभी तो ध्यान के हाथों,कभी पवन के साथवह माँ है, बेटे को शुभकामनाएँ भेजती है ।वे भोली-भाली-सी शक्लें भी साथ रहती हैंसुनी सुनाई-सी बातें भी साथ रहती हैंअकेले आए थे परदेस में, मगर यह... [पूरी पोस्ट]
writer डा.मीना अग्रवाल
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[12 Feb 2010 05:16 AM]

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