सीता नहीं मैं
क्या महिला आरक्षण से देश में स्त्रियों की दुनिया बदल जाएगी। एकदम न बदले तो भी कुछ न कुछ तो जरूर होगा। आज एक महान दिन है। देश दुनिया में बहुत कुछ घट रहा है। आज के दिन मैं अपनी एक कविता छाप रही हूँ।सीता नहीं मैंतुम्हारे साथ वन-वन भटकूँगीकंद मूल...
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आभा
कविता
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[08 Mar 2010 04:22 AM]



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