होली रे होली तेरा रंग कैसा

कुछ हम कहें होली मेरा और मेरे पतिदेव का सबसे प्रिय त्यौहार। कारण अलग अलग हैं। हमें याद आती है बचपन की होली, हल्की हल्की सर्दी में सुबह तीन बजे मैदान में होलिका दहन, जिसमें लोग गेहूँ की बालियां भूनते थे और एक दूसरे को गेहूँ के भुने दाने देते, गले मिलते और होली की... [पूरी पोस्ट]
writer anitakumar
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[01 Mar 2010 02:09 AM]

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