मलिका, गुलाम और मुल्क…
…पशु ही आदिम मानव की सम्पत्ति थे। इसीलिए भारतीय संस्कृति में इन्हें पशुधन कहा गया है। ये अलग बात है कि मालदार होने के बाद इन्सान धनपशु भी बनता है... समाज के विकास के साथ ही भाषा का भी विकास जुड़ा हुआ है। प्राचीनकाल में मानव समुदायों के क्रियाकलापों ने...
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अजित वडनेरकर
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[17 Feb 2010 17:37 PM]



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