आओ!! तुम्हें सम्मान दिला दूँ!!

उडन तश्तरी  .... अरे साहब, आज की इस भागती दौड़ती जिन्दगी में सुकून कहाँ? समय ही नहीं मिल पाता. आजकल यह जुमला बड़ा आम हो गया है और सभी को अपनी नाकामियों और गल्तियों को छुपाने में साहयक सिद्ध हो रहा है. मैं समझ नहीं पाता कि फिर इतनी भागती दौड़ती जिन्दगी में इन्सान लड़ने झगड़ने... [पूरी पोस्ट]
writer Udan Tashtari

हास्य-विनोद

views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[21 Feb 2010 20:00 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix