पिताजी के आँखों से बनारस कि सैर

TAPASHWANI वैभव नाथ शर्मा जी के आँखों से बनारस देख कर मुझे अपने पिताजी कि कुछ पंक्तियाँ याद आ गयी | पिताजी के सामने मेरी बिसात कुछ भी नहीं है एक  अदना सा प्रयास पिताजी के भावों और जस्बातों को अपने ब्लॉग पर उड़ेलने कि | आईये पिताजी के नज़रों से आप सभी को बनारस... [पूरी पोस्ट]
writer Tapashwani Anand
views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[27 Feb 2010 01:13 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix