हाशिए पर ईमानदारी !
आर के विजमाँ-बाप बच्चों को रोज ईमानदारी का एक पाठ पढ़ाया करते थे। आजादी की लड़ाई के किस्सों में, ईमानदारी और समर्पण की भावना ओत-प्रोत रहती थी। दादी माँ की कहानियाँ आदर्श नागरिक बनने की नसीहत के साथ खत्म होती थी। परंतु, आजकल ईमानदारी, बुजुर्गों के घर के...
[पूरी पोस्ट]
जयप्रकाश मानस
10
0
0
0
0
[19 Feb 2010 06:18 AM]



Shuffle








