पंजाबी साहित्यिक जगत की अपूरणीय क्षति
गुलजार सिंह संधूकई प्रसिद्ध पंजाबी साहित्यकारों का एक महीने के अंतराल में निधन बेहद दुखद है। जोगिन्द्र सिंह राही की साहित्यिक आलोचना बेजोड़ थी। हरभजन सिंह को ज्ञानपीठ पुरस्कार देने वाली कमेटी को उनकी रचना ‘रुख व ऋषि’ की चार लाइनों ने ही मंत्रमुग्ध कर...
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जयप्रकाश मानस
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[22 Feb 2010 23:57 PM]



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