प्रभाष जोशी के शोक में जश्न! : एक ईमेल

आवारा बंजारा आज जैसे ही ईमेल बक्सा खोला। देखा एक ईमेल आई है। उसमें ऐसा कुछ नहीं है जिसे निजी की श्रेणी में रखा जाए बल्कि उसे पढ़कर लगा कि उसे विमर्श के लिए ही भेजा गया है। वह ईमेल यहां प्रस्तुत है।प्रभाष जोशी के शोक में जश्न " प्रभाष जोशी को गुजरे अभी चार महीने भी... [पूरी पोस्ट]
writer Sanjeet Tripathi

देश-दुनिया

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[16 Feb 2010 03:11 AM]

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