नक़ल नवीस...

मौन में बात.. चलते-चलते पिंड़लीयों में दर्द होने लगता है... कहीं रुक जाने पर, सो जाने पर भी जब वह दर्द नहीं गया तो मैंने पैरों को मरोड़ना-तोड़ना शुरु कर दिया...कुछ आह और कराह के बाद दर्द का मीठापन भी फीका लगने लगा..., फिर मैंने राह चलते किसी आदमी से सहायता की गुहार... [पूरी पोस्ट]
writer मानव

कहानी...

views
6
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[27 Feb 2010 02:20 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix