ख्वाब खुशबू के घर में रहते हैं

साहित्‍य - संस्‍कृति ईटीसी दिल्ली से प्रकाशित हिंदी दैनिक के गुरुवार के अंक में ---रंग-ए-जिंदगानी---कॉलम के तहत प्रसिद्ध शायर शीन काफ निजाम साहब की कुछ पंक्तियां प्रकाशित की गई हैं। आशा है आपको भी भाएंगी। लीजिए....गौर फरमाइए-----वो कहां चश्मे-तर में रहते हैं,ख्वाब खुशबू के घर में... [पूरी पोस्ट]
writer manglam
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[05 Mar 2010 15:35 PM]

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