मीनाक्षी के बाद

इयत्ता मीनाक्षी के बादमंदिर से निकलते-निकलते अंधेरा हो चुका था । विद्युत प्रकाश में नहाया हुआ मीनाक्षी सुन्दरेश्वर मंदिर प्रांगण के बाहर से और भी मनमोहक लग रहा था। फिर भी हम अब बाहर की दुनिया में वापस आ चुके थे। अर्थ-व्यवहार एवं दुकानदारी के चिर परिचित... [पूरी पोस्ट]
writer Hari Shanker Rarhi

travelogue

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[07 Mar 2010 22:21 PM]

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