घर हो या ससुराल ,मज़े लो होली में
नाचो दे दे ताल, मजे लो होली में,गालों मलो गुलाल, मजे लो होली में.रंग बिरंगे चेहरों में ढून्ढो धन्नो,घर हो या ससुराल , मजे लो होली में.हुश्न एक के चार नज़र आयें देखो,एनक करे कमाल , मजे लो होली मेंचढे भंग की गोली ,डगमग पैर चलें,बहकी बहकी चाल, मजे लो होली...
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अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
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[25 Feb 2010 13:15 PM]



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