अकेला करता धर्म

एकोऽहम् अकेला करता धर्मकुछ बातें सुनने में तो तत्काल अच्छी लगती हैं किन्तु समझ में बाद में आती हैं। होना तो यह चाहिए कि दोनों ही स्थितियों में आनन्दानुभूति हो किन्तु आवश्यक नहीं कि ऐसा हो ही। कुछ ऐसा ही में गए कुछ दिनों से अनुभव कर रहा हूँ। जब भी यह बात मन में... [पूरी पोस्ट]
writer विष्णु बैरागी
views
4
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[10 Feb 2010 21:41 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix