सब हिल-मिल आज खेलो होली - सुनिये ये मालवी गीत

मालवी जाजम......बोलोगा तो बचेगी मालवी सब हिल-मिलआज खेलो होरीअध-बूढ़ा ने बूढ़ा-आड़ाबण ग्या है छोरा-छोरीगेंद-गुलाबी रूप लजीलीमान करे क्यूं ए गोरीफ़ागण तो रंगरेज हठीलोरंग दियो अंगो और चोलीबिरहण ऊबी पीहर कँवरेमन में भरम भर्यो भोरी(भाव:बिरहन अपने प्रीतम से दूर मायके में हैऔर उसके मन में कई भोली भ्रम... [पूरी पोस्ट]
writer मालवी जाजम

होली गीत

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[01 Mar 2010 01:51 AM]

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