चार शब्द चित्र

अनुभूति कलश चार शब्द चित्र 1- बने मेघ गर तुम, मैं नीर बनी हूँ , जब बरसे गरजकर, मैं धीर बनी हूँ । २- लगाई थी बिंदिया तेरा नूर लेकर, तेरे ही लबों की, मैं लाली बनी हूँ । ३- पिया जाम तुमने मैं मदिरा बनी हूँ, , बहके कदम जब, मैं संग -संग चली हूँ [...]... [पूरी पोस्ट]
writer ramadwivedi

संवेदना की अनुभूतियchar shabd chitra

views
18
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
1
[09 Feb 2010 22:59 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix