जज़्बातों का रिसेशन
सोचा थाहाँ तबतू साथ था जबतू बाती औरमै मोमया फिर यूँमैं मोमतू बाती बनएक लौ जलाकरप्रेम कीरोशन करेंगेघरौंदा अपनालेकिन अबवक़्त बदला औरसोच भीतू तिजारत की दुनिया कीनामचीन हस्तीमैं ख्यालों की दुनिया मेंखोई हुई सीतू कतरा-कतराजल रहा हैजगमगा रहा हैतप कर कुंदन सा...
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Priya
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[09 Feb 2010 14:07 PM]



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