जनाब सरवर की ग़ज़ल : 10

उर्दू से हिंदी ग़ज़ल १० कहाँ से आ गए तुम को न जाने बहाने और फ़िर ऐसे बहाने ! कोई यह बात माने न माने मुझे धोखा दिया मेरे ख़ुदा ने ! ज़माना क्या बहुत काफी नहीं था ? जो तुम आए हो मुझको आज़माने ! लबों पर मुह्र-ए-ख़ामोशी लगी है दिलों में बन्द हैं कितने फ़साने ! न मौत अपनी न अपनी... [पूरी पोस्ट]
writer आनन्द पाठक
views
6
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[09 Feb 2010 09:47 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix