मै जानता हूं
हमें पता थाहम हो नहीं सकेंगेएक-दूजे केफिर भीफूट ही गईं कोंपलेंप्यार की।बिछुडऩे का गमरुला जाता था जब कभीतुम कहती थीचिंता मत करोकहीं भी हो मेरा ब्याहमैं अपने उनकोले आऊंगी उसी शहरजहां तुम रह रहे होंगेमजे की बात देखोतुम्हारी डोली जिस शहर में आईनौकरी मुझे भी...
[पूरी पोस्ट]
shivraj gujar
रचना संसार
12
0
0
0
0
[09 Feb 2010 08:23 AM]



Shuffle








