सागर किनारे

गीत............... सागर किनारे मैं जब भी आई हर लहर में दिखी तेरी ही छवि समायी लहरों के स्पर्श से तेरी ही याद आई हर जगह देता है तेरा ही अक्स दिखाई सीली सी रेत पर तेरे नक़्शे- पा दिखते हैं उन पर चल मेरे कदम तुझ तक पहुंचते हैं ख़्वाबों की दुनियाबड़ी हंसीं लगती है ख्याल जैसे मेरे... [पूरी पोस्ट]
writer sangeeta swarup
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[09 Feb 2010 07:43 AM]

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