घर का रोना-हास्य व्यंग्य कविता (ghar ka rona-vyangya kavita
छायागृह में चलचित्र के
एक दृश्य में
नायक घायल हो गया तो
एक महिला दर्शक रोने लगी।
तब पास में बैठी दूसरी महिला बोली
‘अरे, घर पर रोना होता है
इसलिये मनोरंजन के लिये यहां हम आते हैं
पता नहीं तुम जैसे लोग
घर का रोना यहां क्यों लाते हैं
अब बताओ
क्या सास ने...
[पूरी पोस्ट]
दीपक भारतदीप
bharatdeepak bharatdeepepatrikaarbic
17
0
0
0
0
[16 Oct 2009 10:01 AM]



Shuffle







