सामयिक कविता: संजीव 'सलिल'

संजीव  सलिल  की  रचनाएँ सामयिक कविता:संजीव 'सलिल'*हर चेहरे की अलग कहानी, अलग रंग है.अलग तरीका, अलग सलीका, अलग ढंग है...*भगवा कमल चढ़ा सत्ता पर जिसको लेकरगया पाक बस में, आया हो बेबस होकर.भाषण लच्छेदार सुनाये, सबको भये.धोती कुरता गमछा धारे सबको भाये.बरस-बरस उसकी छवि हमने विहँस... [पूरी पोस्ट]
writer आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'

samyik hindi kavita

views
20
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
3
[08 Feb 2010 10:59 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix