बार-बार 'चेन पुलिंग' हो रही है ...
*बार-बार 'चेन पुलिंग' हो रही हैजिंदगीथोड़ी देर के लिए रूकती हैऔर फिर चल देती हैबस हर बारचेन पुलिंग होने पेकुछ लोग जिन्दगी से उतर जाते है**शहर,जहाँ गुजारते हैं हमअपना लहू,अपनी मांस-मज्जाउम्र भर देते रहते हैंअपनी त्वचा का प्रोटीनइसके प्रदुषण कों देते हैं...
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ओम आर्य
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[08 Feb 2010 10:50 AM]



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