घर में ही पराजित होती हिंदी
हिंदी को राष्ट्रभाषा मानने वालों का मुगालता पिछले दिनों टूट गया। गुजरात हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान हिंदी की संवैधानिक स्थिति भी स्पष्ट की। चीफ जस्टिस एस.जे. मुखोपाध्याय की बेंच ने डिब्बाबंद सामान पर हिंदी में ब्यौरा लिखे जाने को लेकर दायर...
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संजीव
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[08 Feb 2010 07:52 AM]



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