बापू के मौसेरे ........

uthisthkountaye बापू का वह रूप देख तो मैं स्तब्ध रह गया था. मेरे मन में बापू के प्रति श्रधा भाव और भी प्रबल हो गया . मैं इतरा रहा था , अपने भाग्य पर कि बापू ने भी मेरी माँ का दूध पिया है. इस प्रकार मैं भी उनका मौसेरा ही हुआ ना.बापू के साबरमती आश्रम में हम सभी एक परिवार... [पूरी पोस्ट]
writer L.R.Gandhi
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[08 Feb 2010 05:07 AM]

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