स्वागत है तुम्हारा हमेशा ही

इन्द्रधनुष  सादा सा पन्नाहाथों में कलम या कि तुलकिाआैर कुछ इन्द्रध्नुषी रंगएक अतीतसुनहरा खटटा मीठासारी बातेंअब यादें.......क्यु याद है ना!साथ् साथ् चले थेउन पहचानी सीसड़कों पर जिसे आंख खोलते के साथभ्रर लिया था हमने,अपनी आंखों मेंजैसे, हवाआे कोसांसों मे,साथ साथ... [पूरी पोस्ट]
writer INDRADHANUSH
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[08 Feb 2010 03:56 AM]

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