सीधी बात
वैलेंटाइन डे बस कुछ ही क़दमों की दूरी पर है... फिर से कुछ लोग इस दिन देश की संस्कृति के रखवाले बने घूमते नज़र आएंगे... टीवी पर चैट शो आयोजित होंगे... पश्चिमी सभ्यता और बाज़ारवाद की दुहाई देकर अपनी सभ्यता को बचाने के लिए केवल भाषणबाज़ी होगी... कुछ तत्व...
[पूरी पोस्ट]
प्रज्ञा
12
0
0
0
3
[07 Feb 2010 10:07 AM]



Shuffle








