न जाने नया साल क्या गुल खिलाए...
मुहब्बत के लिए कोई मौसम , कोई दिन निश्चित कर दी जाए पूरी तरह से गलत बात होगी ... बसंत आगया और मुआ वो एक खास दिन भी जिसके लिए जाने कितने लोग इंतज़ार करते हैं मगर क्या सिर्फ एक दिन ही वो खास है ? फाग का महीना खुद अपने आप में मदहोशी से परेशान करने पर आमादा...
[पूरी पोस्ट]
"अर्श"
21
2
0
2
11
[07 Feb 2010 09:23 AM]



Shuffle








