मुक्तक

जज़्बात-दिल से दिल दिया जिसको मैंने, मेरा तो मनमीत वही है .गीत लिखे कितने ही मैंने, लेकिन प्यार का गीत वही है.सुने राग मल्हार, भैरवी रास न आया कोई आज,मैं तो प्यार की सरगम छेड़ूँ, मेरा तो संगीत वही है.... [पूरी पोस्ट]
writer अखिलेश सोनी

मुक्तक

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[07 Feb 2010 08:07 AM]

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