हर तरफ मतलब परस्ती , हर तरफ झूठी वफ़ा ,जो न चाहा था कभी वो जमाना हो गया
सीधा - सादा आदमी था पर दीवाना हो गया ,एक क़यामत हाय तेरा मुस्कराना हो गया । मय तेरे आगोश में आना तो आसान था मगर ,रफ्ता- रफ्ता जिंदगी से दूर जाना हो गया । बात इतनी थी कि प्यार कर बैठे थे हम ,एक जरा सी बात का लेकिन फ़साना हो गया । कैसे मुमकिन फैसला हम अपने...
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Bhagyoday
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[07 Feb 2010 02:10 AM]



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