क्या फिर ऋतुराज का आगमन हुआ है ?
सोमरस -साप्राणों कोसिंचित करतातुम्हारा ये नेहज्यों प्रोढ़ता कीदहलीज परवसंत का आगमननव कोंपल सीखिलखिलातीस्निग्ध मुस्कानज्यों वीणा के तारझनझना गए होस्नेहसिक्त नयनो सेबहता प्रेम का सागरज्यों तूफ़ान कोईदरिया मेंसिमट आया होसांसों के तटबंधोंको तोड़ते ज्वारज्यों...
[पूरी पोस्ट]
वन्दना
43
3
0
3
25
[07 Feb 2010 01:17 AM]



Shuffle








