रहीम दर्शन-भक्ति न करने पर विषय घेर लेते हैं
कविवर रहीम कहते है कि
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रहिमन राम न उर धरै, रहत विषय लपटाय
पसु खर खात सवाद सों, गुर बुलियाए खाय
भगवान राम को हृदय में धारण करने की बजाय लोग भोग और विलास में डूबे रहते है। पहले तो अपनी जीभ के स्वाद के लिए जानवरों...
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दीपक भारतदीप
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[07 Feb 2010 00:47 AM]



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