परसाई के वानर और स्वदेशी लँगोटधारी

एकोऽहम् (यह पोस्ट मेरे बेटे वल्कल के एक कक्षापाठी मित्र ने लिखी है। बाबुल सुप्रियो इसका वास्तविक नाम नहीं है। यह देखकर कि बहुराष्ट्रीय कम्पनी में कार्यरत, 30 वर्षीय नौजवान को भी ऐसी बातों से पीड़ा होती है, उसके मन में क्षोभ उपजता है तो सच मानिए, मन को ठण्डक मिलती... [पूरी पोस्ट]
writer विष्णु बैरागी

उधार की पूँजी

views
18
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
2
[06 Feb 2010 19:30 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix