शुक्रिया जनसत्ता
जनसत्ता के 5 फरवरी के अंक में मेरी पोस्ट 'मुश्फिक़ की फिक़्र" प्रकाशित की गई। इसे जनसत्ता ने ब्लोग से ही उठाया। यह खुशी की बात है कि पत्रकारों मे अभी भी कुछ ऐसे लोग बचे हैं जो अच्छा लिखने का, लिखते रहने का हौसला देते हैं और रचनाओं की कद्र करते हैं। उन्हें...
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अमिताभ श्रीवास्तव
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[06 Feb 2010 13:51 PM]



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