अल्लाह का वजूद - साइंस की दलीलें (पार्ट-30)

Ya Husain Ya Shah-E-Karbala उदाहरण के लिए डी ब्राग्ली की कण तरंग सम्बन्धी परिकल्पना प्रारम्भ में जटिल गणितीय समीकरणों द्वारा अस्तित्व में आयी। बाद में प्रायोगिक रूप से पुष्टि हुई कि प्रत्येक कण तरंग की तरंह व्यवहार करता है। ग्रह सम्बन्धी गणनाओं के दौरान प्लूटो ग्रह का... [पूरी पोस्ट]
writer zeashan zaidi

Zeashan Zaidi

views
16
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[06 Feb 2010 05:52 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix